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हरेक बच्चे को, बचपन में होने वाली ऐसी सभी बीमारियों से बचे रहने के लिए सम्पूर्ण टीकाकरण करवाने का हक है, जिनसे बचाव मुमकिन है। हरेक बच्चे को यह हक देने के लिए भारत सरकार ने 1985 में सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) की शुरूआत की थी, जो दुनिया भर में अपनी तरह के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है।

यूआईपी(UIP) पिछले 30 साल से चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक सिर्फ 65 प्रतिशत बच्चों का ही उनके जीवन के पहले साल में सम्पूर्ण टीकाकरण किया जा सका है। पिछले 5 साल में इस कार्यक्रम के तहत कवरेज में बढ़ोत्‍तरी हर साल औसतन 1 प्रतिशत पर स्थिर रही है।


इस कार्यक्रम को मजबूती देने और सभी बच्चों का जल्‍द से जल्‍द सम्पूर्ण टीकाकरण करने के लिए भारत सरकार ने दिसम्बर 2014 में मिशन इंद्रधनुष लांच किया।

मिशन इंद्रधनुष में इस बात का ध्‍यान रखा जाएगा कि दो साल तक के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सम्‍पूर्ण टीकाकरण किया जाए।

 

बोल-चाल की भाषा में कहें, तो टीकाकरण कराना इसलिए जरूरी है, क्‍योंकि बच्‍चों की मौत ऐसी बीमारियों से होती है, जिनसे उन्‍हें बचाया जा सकता है।

भारत में हर साल 5 लाख बच्चों की मौत ऐसी बीमारियों से हो जाती है, जिनसे टीके लगवा कर बचा जा सकता है।

इसके अलावा 89 लाख बच्चों को बीमारियों का खतरा इसलिए है, क्योंकि उन्हें उन बीमारियों से बचाव का एक भी टीका नहीं लगा है (unimmunized) या अधूरे टीके (partially immunized) लगे हैं।

अधूरा टीकाकरण कराने वाले और टीकाकरण से पूरी तरह वंचित बच्चों में बचपन में होने वाली बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। सम्पूर्ण टीकाकरण कराने वाले बच्चों की तुलना में इनकी मौत का अंदेशा ज्यादा होता है। टीकाकरण सिर्फ बच्‍चों की जिंदगी ही नहीं बचाता, बल्कि यह बीमारियों को बड़े पैमाने पर फैलने से रोकने में मदद भी कर सकता है। इसके अलावा, इससे बीमारी को दूसरे इलाकों में फैलने से रोकने में भी मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं, टीकाकरण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

इसलिए अगर हम शिशु मृत्यु दर (infant mortality) में कमी लाना चाहते हैं और सामाजिक-आर्थिक इंडिकेटर्स के लिहाज से आगे बढ़ना चाहते हैं, तो सम्पूर्ण टीकाकरण काफी अहम है।

 

मिशन इंद्रधनुष का प्रमुख लक्ष्य दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सम्‍पूर्ण टीकाकरण कराना है। यह मिशन, टीकाकरण के काम में तेज़ी लाने और देश के सभी बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण करने के लिए शुरू किया गया है।

इस मिशन की रूपरेखा बहुत सोच-विचार करके बनायी गई है, ताकि स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था मजबूत बने और उसकी यह मजबूती भविष्‍य में भी बरकरार रहे। पिछले कुछ बरसों से, भारत में सम्पूर्ण टीकाकरण कवरेज के काम में सिर्फ एक प्रतिशत सालाना बढ़ोत्‍तरी हुई है।

सरकार ने देश के 28 राज्यों के 201 ऐसे जि़लों की पहचान की है, जिनमें अधूरा टीकाकरण कराने वाले (partially immunized) और टीकाकरण से पूरी तरह वंचित (unimmunized) बच्चों की संख्या सबसे ज्‍यादा है।

मिशन इंद्रधनुष के तहत, विशेष टीकाकरण अभियानों के जरिये देश में नियमित टीकाकरण की कवरेज को बेहतर बनाने के लिए इन जिलों पर खास ध्‍यान दिया जाएगा।

ऐसा कैसे किया जा रहा है, इस बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक कीजिए।