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भारत में हर साल 5 लाख बच्चों की मौत ऐसी बीमारियों से हो जाती है, जिनसे टीके लगवा कर बचा जा सकता है।

आप इस सिलसिले को रोकने में मददगार बन सकते हैं। मिशन इंद्रधनुष से जुडि़ये और आज ही हरेक बच्चे का सम्पूर्ण टीकाकरण कराने और जागरूकता फैलाने का संकल्प लीजिए।

अपने दोस्तों और साथियों को सम्पूर्ण टीकाकरण और मिशन इंद्रधनुष के महत्व के बारे में बताइये, ताकि वे भी ऐसा ही करें।

सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दीजिए। हमें फेसबुक पर लाइक कीजिए। इसके बारे में कीजिए।

जब बच्चों के जीवन दांव पर हों, तो हर आवाज़ और हर कोशिश मायने रखती है।

टीकाकरण हरेक बच्चे का हक है, लेकिन इसके बावजूद भारत में 89 लाख बच्चों को बीमारियों का खतरा इसलिए है, क्योंकि उन्हें उन बीमारियों से बचाव का एक भी टीका नहीं लगा है या अधूरे टीके लगे हैं।

इसकी एक खास वजह अभिभावकों को सम्पूर्ण टीकाकरण के महत्‍व की जानकारी न होना है।

टीकाकरण कराने से जानलेवा बीमारियों से बच्चों की रक्षा होती है। सम्पूर्ण टीकाकरण आबादी को स्वस्थ रखने के सबसे सरल और किफायती उपायों में से एक है।

सरकार टीकाकरण कार्यक्रम चलाने के लिए बहुमूल्‍य साधन इस्तेमाल करती है। हम जागरूकता फैलाकर, मांग बढ़ा कर और ज्यादा से ज्यादा बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण करवाकर इन साधनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल करवा सकते हैं।

सबसे पहले, अपने आसपास नज़र दौड़ाइए।

हो सकता है कि रोजमर्रा के जीवन में आपका वास्ता ऐसे लोगों से पड़ता हो, जिन्होंने सिर्फ सम्पूर्ण टीकाकरण की अहमियत मालूम न होने की वजह से अनजाने में अपने बच्‍चों का टीकाकरण नहीं कराया है, जिससे उनको बीमारियों का खतरा हो सकता है।

आप अपना बहुमूल्‍य समय देकर उन्हें टीकाकरण के महत्‍व के बारे में बता सकते हैं और नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दे सकते हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण सेवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। यह आपका सब्ज़ी बेचने वाला, टैक्सी ड्राइवर, घरेलू सहायक, संक्षेप में कहें, तो कोई भी ऐसा शख्स हो सकता है, जो टीकाकरण के महत्‍व के बारे न जानता हो। अगर आप किन्हीं नए अभिभावकों को जानते हों, तो उन्हें भी इसके बारे में बताइये।

इस काम में आप जो समय देंगे, हो सकता है कि उससे किसी की जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाए।

भारत का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया में अपनी तरह के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है।

गुणवत्ता के ऊंचे मापदंड अपनाने के लिए देश के हरेक हिस्से में टीकाकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले टीकों, अपनाए जाने वाले तरीकों और उपलब्‍ध करायी जाने वाली सेवाओं के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए जाते हैं।

हरेक टीके के लिए ऑटो-डिसेबल सीरिंज (auto-disable (AD) syringe) का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि एक टीके के बाद वह दोबारा इस्तेमाल में नहीं लायी जा सके।

हरेक टीके की शीशी में वैक्सीन वाइअल मॉनीटर (Vaccine Vial Monitor (VVM) होता है, जिससे कोई आम आदमी भी अंदाजा लगा सकता है कि टीका इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है या नहीं।